Tuesday, 1 September 2015

uptet news: शिक्षकों के तबादलों से बदलेगी शिक्षा की सूरत

 शिक्षकों के तबादलों से बदलेगी शिक्षा की सूरत


लखनऊ : सरकारी कर्मियों के बच्चों को सरकारी स्कूल में ही पढ़ाने के हाई कोर्ट के निर्णय को अब और बल मिल गया है। सोमवार को प्रदेश सरकार ने तबादले की नीति जारी कर दी। इसमें जनपद के अंदर होने वाले शिक्षकों के तबादलों को हरी झंडी दे दी गई। इससे अब शिक्षक अपनी सहूलियत के स्कूल में तबादला ले सकेंगे। इससे क्लास से गायब रहने और समय से न आने वाले शिक्षकों की समस्याओं से काफी हद
तक निजात मिल सकेगी। पिछले दो साल से अंतरजनपदीय तबादले नहीं हुए, वहीं एक साल से जनपद के तबादले रुके हुए हैं। ऐसे में काफी संख्या में शिक्षक अपने घरों से दूर या अन्य जनपद के स्कूलों में नौकरी कर रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि दूसरे जनपद के शिक्षक लंबी छुट्टियों पर चले जाते हैं, वहीं स्कूल से दूर रहने वाले शिक्षक अमूमन देर से आते हैं। इससे स्कूल का शैक्षिक स्तर काफी हद तक प्रभावित होता है।

शिक्षक अनुपात में आएगी समानता

वर्तमान में लखनऊ में शिक्षक पर छात्र अनुपात 31.75 बच्चा प्रति शिक्षक है, जो लगभग मानकों के समान है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। असल में प्राइमरी के कई स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं, वहीं प्राथमिक स्कूल लाजपत नगर, प्राथमिक स्कूल पीर नगर, प्राथमिक स्कूल फैजुल्लागंज और प्राथमिक स्कूल मटियारी ऐसे उदाहरण हैं, जहां बच्चों की संख्या तीन सौ से पांच सौ के बीच है। ऐसे में एक शिक्षक पर बच्चों का अनुपात लगभग 80 से 100 का है। तबादले की नीति लागू होने के बाद शिक्षक छात्र का स्तर समान हो सकेगा और विभाग भी जहां जरूरत से ज्यादा शिक्षक है, उनके तबादले कर जहां जरूरत है वहां भेज सकेगा।

No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.

Latest Cut Off / Vigyapti