शिक्षामित्रों का समायोजन गलत
इलाहाबाद :1.71 लाख शिक्षामित्रों को बगैर टीईटी सहायक अध्यापक पद पर समायोजित करने के प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ एकेडमिक मेरिट समर्थक अंशुल मिश्र की ओर से दायर याचिका की सुनवाई भी वृहदपीठ में होगी। एकेडमिक मेरिट उत्थान समिति से जुड़े अंशुल मिश्र ने शिक्षामित्रों के समायोजन और उनको दूरस्थ शिक्षा से कराए गए प्रशिक्षण को असंवैधानिक बताया है।साथ ही शिक्षामित्रों के स्थान पर बीएड एवं टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को नियुक्त किए जाने की गुहार लगाई गई है। अंशुल की याचिका पर 24 अगस्त को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इस केस को भी शिवम राजन के केस संग कनेक्ट कर दिया है। पैरवी के लिए सुप्रीम कोर्ट से बुलाएंगे वकील : शिक्षामित्रों के समायोजन के खिलाफ रविवार को आजाद पार्क में टीईटी मोर्चा की बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट में वहदपीठ का गठन हो चुका है। मामले की सुनवाई सितम्बर के दूसरे सप्ताह में संभावित है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका करने वाले हिमांशु राणा ने बताया कि इस मामले की पैरवी के लिए सर्वोच्च न्यायालय से वकील को बुलाएंगे। पैरवी के दौरान शिक्षामित्रों के प्रशिक्षण से लेकर टीईटी उत्तीर्ण न होने तक का मसला उठाया जाएगा।

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