61 शिक्षकों का रोका वेतन प्रधानाध्यापक निलंबित
इलाहाबाद : पटरी से उतरी परिषदीय स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बीएसए ने ठोस कदम उठाना शुरु कर दिया है। जुलाई व अगस्त माह में बीईओ के निरीक्षण में गायब मिले 61 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन बीएसए ने रोक दिया है। वहीं बीएसए ने एक प्रधानाध्यापक को ड्रेस गुणवत्ता समेत कई मामलों में अनियमितता बरतने पर निलंबित कर दिया है।विकास खंड कौड़िहार के प्राथमिक विद्यालय मंडर के प्रधानाध्यापक राम निवाज सिंह को शैक्षिक सत्र 2014-15 में गुणवत्ता परक ड्रेस वितरित कराने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग ने सौंपी थी।
ड्रेस वितरण कराने में उनके द्वारा गड़बड़ी की गई। गुणवत्ता से समझौता किया। इसके अलावा ड्रेस वितरण उपभोग प्रमाण पत्र के साथ ही बची धनराशि विभाग में नहीं जमा कराई गई। खंड शिक्षाधिकारी उपेंद्र सिंह द्वारा उक्त मामले के संबंध में जानकारी हासिल करने पर उनके साथ अभद्रता भी की गई थी। बीएसए राजकुमार ने बताया कि विभागीय जांच के दौरान गड़बड़ी उजागर हुई थी। इसी क्रम में उन्हें निलंबित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षाधिकारी राजकुमार ने बताया कि विकास खंड कोरांव में 18, हड़िया में चार, धनूपुर में 19 और विकास खंड मेजा के बीस प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों का चारों ब्लाक के बीईओ ने अपने- अपने क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उक्त स्कूलों के शिक्षक व शिक्षिकाएं गायब मिली थीं। ऐसे शिक्षकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। ताकि शिक्षकों की आदत में सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी स्कूल से गायब पाए जाने पर वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी
No comments:
Post a Comment
Note: only a member of this blog may post a comment.